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लखनऊ में 60 फीसदी दुकानें बंद, मॉल के फूड कोर्ट पर भी असर, घरेलू सिलिंडर के लिए शुरू हुई मारामारी

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लखनऊ। कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति थमने से राजधानी में खानपान से जुड़े 70 फीसदी व्यापारी सड़क पर आ गए हैं। चौक के पारंपरिक बाजार से लेकर बड़े बड़े मॉल के फूड कोर्ट तक प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा चौक से लेकर हजरतगंज तक और हजरतगंज से लेकर गोमतीनगर तक रेहड़ी पटरी वाली खानपान की दुकानें भी बंद रही। रोजी रोटी के लिए कुछ दुकानदार घरेलू गैस सिलिंडर से काम चलाते नजर आए। इससे घरेलू गैस सिलिंडर के लिए भी मारामारी रही। कारोबारी बताते हैं कि गैस की किल्लत से बुधवार को पूरी तरह से खानपान व्यापार बंद होने की आशंका है। इससे राजधानी के 1000 से ज्यादा छोटे बड़े होटल, 5000 से ज्यादा रेस्टोरेंट व मिठाई की दुकानें और खान पान के व्यापार से जुड़े 50 हजार से ज्यादा रेहड़ी पटरी वाले एक झटके में सड़क पर आ जाएंगे। सिर्फ बड़े होटल जिनके पास 7-8 दिन का स्टॉक बचा है, सिर्फ वही कारोबार कर पाएंगे। उधर, धीरे धीरे बंद होते रेस्टोरेंट, ढाबे व होटलों की वजह से बाहर के 5 लाख से ज्यादा लोगों के सामने दो वक्त की रोटी का संकट बना हुआ है। कॉमर्शियल सिलिंडर न मिलने का सबसे बड़ा असर चौक बाजार में दिखा। हमेशा गुलजार रहने वाला चौक चौराहा मंगलवार को वीरान और सन्नाटे में नजर आया। चौराहे पर चलने वाले दसियों होटल व रेस्टोरेंट एक लाइन से बंद मिले। खान पान की रेहड़ी पटरी वाली दुकानें भी बंद नजर आईं। एक रेस्टोरेंट संचालक आशीष ने बताया कि गैस न मिलने से सोमवार शाम से ही दुकान बंद है। हमारा तो नुकसान है ही लेकिन आसपास के तमाम कॉलेज और हॉस्टल के लोगों के सामने भोजन का संकट है। केजीएमयू के डॉक्टर, छात्र और बाहर से आने वाले हजारों तीमारदारों के सामने भोजन का संकट हो गया है। चौक में ही सड़क किनारे खाने की रेहड़ी लगाने वाले रामभगत ने बताया कि घर के सिलिंडर से खाना बनाकर लोगों को खिला रहे हैं। जब यह सिलिंडर नहीं मिलेगा तो लकड़ी और कोयला का सहारा लेंगे। लकड़ी व कोयला का दाम बढ़ने की वजह से खाने का भी दाम बढ़ेगा।

शहर की पारंपरिक व 100 साल से भी ज्यादा पुरानी दुकान संभालने वाले कारोबारी सृजल गुप्ता बताते हैं कि हमारे शहर में चार आउटलेट हैं। इसलिए महीने भर का स्टॉक मंगवाया जाता था लेकिन किल्लत होने की वजह से महज दो से चार दिन का ही स्टॉक बचा होगा। फैक्टरी व आउटलेट मिलाकर 1000 से ज्यादा कर्मचारी हैं जो कि कारोबार बंद होने से एकदम से सड़क पर आ जाएंगे। एजेंसी वाले कोई बुकिंग नहीं ले रहे हैं। बताया कि एजेंसी वालों की भी बिलिंग रोक दी गई है। कोई नया ऑर्डर नहीं मिल रहा है।

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