आरोप : मंडलीय चिकित्सालय में डाक्टर ने वृद्ध मरीज और तीमारदार के साथ किया दुर्व्यवहार, डिप्टी सीएम ने दिए जांच के आदेश
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एडी हेल्थ को दिया जांच, तीन दिनों में शासन को भेजनी है रिपोर्ट।
इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
आजमगढ। मंडलीय चिकित्सालय आजमगढ में इलाज के लिए आयी 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला और उसके पुत्र से चिकित्सक और उसके गुर्गों द्वारा की गयी मारपीट की जांच शुरु हो गयी। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने मरीज के साथ हुए दुर्व्यवहार की सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर 13 मार्च को जांच का आदेश दे दिया।
बताते चलें कि 12-मार्च को जहानागंज थाना क्षेत्र के ग्राम करनपुर निवासी एक 56 वर्षीय एक युवक अपनी 85 वर्षीय मां सावित्री देवी को इलाज कराने के लिए मंडलीय चिकित्सालय लेकर आया। आरोप है कि अस्पताल के कमरा नंबर-26 में बैठे आर्थो विभाग के चिकित्सक डॉक्टर विनोद कुमार ने मरीज को देखने से मना कर दिया। पीड़ित का कहना था कि जब उसने अपनी बीमार मां को दिखाने की गुहार लगाई तो डॉक्टर ने अभद्र व्यवहार किया और बुजुर्ग महिला का हाथ मोड़कर उन्हें कमरे से बाहर धकेल दिया। यही नहीं उसके पुत्र को भी चिकित्सक के गुर्गों ने उसकी मां के सामने मारा पीटा।
इस घटना के बाद अस्पताल में मौजूद लोगों के बीच नाराजगी फैल गई और मामला बढ़ गया। इस घटना का एक वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में पीड़ित व्यक्ति हाथ जोड़कर रोते हुए माफी मांगता दिखाई दे रहा है। और कह रहा है कि “अगर मैं गलत हूं तो जो भी सजा देंगे मुझे मंजूर है।” मामले को लेकर मंडलीय चिकित्सालय के एसआईसी डॉ.सतीश कन्नौजिया ने इस प्रकरण को संज्ञान में होने की बात कही। जबकि आज वायरल वीडियो को स्वयं स्वास्थ्य मंत्री व डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने संज्ञान में लेकर मामले की जांच एडी हेल्थ आजमगढ को दे दिया। अपने एक्स हैंडल से सूचना देते हुए उन्होंने कहा कि-
आजमगढ़ के मंडलीय जिला चिकित्सालय में वृद्ध महिला व तीमारदार के साथ अभद्र व्यवहार संबंधी वायरल वीडियो का तत्काल संज्ञान लेते हुए मेरे द्वारा प्रकरण की गंभीरता के दृष्टिगत अपर निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग, आजमगढ़ को मौके पर पहुंचकर उक्त प्रकरण की जांच, सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने एवं 3 दिन में जांच आख्या उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
मरीजों व तीमारदारों के साथ अभद्र व्यवहार की घटना कतई स्वीकार नहीं है। प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अस्पताल में आने वाला प्रत्येक मरीज हमारे लिए भगवान का रूप है। उक्त प्रकरण की जांच आख्या एवं सी०सी०टी०वी० फुटेज के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी, किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
