आज़मगढ़ : “मरीज पहले” नीति पर सीएमओ सख्त, अस्पतालों में मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश
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मेडिकल कॉलेज से पीएचसी तक सभी स्वास्थ्य इकाइयों को निर्देश, बुजुर्ग मरीजों को प्राथमिकता और सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार की होगी निगरानी
आजमगढ़। जनपद के अस्पतालों में मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ मानवीय और संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज चक्रपानपुर, मंडलीय जिला चिकित्सालय, जिला महिला चिकित्सालय सहित सभी 100 शैय्या अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) के अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं।
सीएमओ ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग एक सेवा प्रदाता विभाग है और प्रत्येक चिकित्साधिकारी तथा कर्मचारी का दायित्व है कि वह सेवा भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करे। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सीय सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही को अक्षम्य माना जाएगा।
उन्होंने सभी अस्पतालों के अधीक्षकों और प्रभारी अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि चिकित्सालय परिसरों में तैनात सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार की नियमित समीक्षा की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि उनका आचरण मरीजों और तीमारदारों के प्रति शालीन एवं सहयोगात्मक हो। यदि कोई सुरक्षा कर्मी अपने मूल कर्तव्यों से हटकर अन्य गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो इसकी सूचना तत्काल मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय को दी जाए, ताकि उसे इस संवेदनशील जिम्मेदारी से हटाया जा सके।
सीएमओ डॉ. वर्मा ने यह भी निर्देश दिए कि यदि किसी चिकित्सालय परिसर में कोई व्यक्ति नशे की हालत में चिकित्सकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करता है, तो उसका तत्काल मेडिकल परीक्षण कराया जाए और नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित किया जाए, ताकि अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा प्रभावित न हो।
उन्होंने कहा कि मरीजों को सम्मानजनक और सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सभी चिकित्सा इकाइयों की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
