आज़मगढ़ : हत्या मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद, 50-50 हजार का जुर्माना
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आजमगढ़। 24 साल पुराने हत्या के एक चर्चित मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने तीन आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय ने मंगलवार को सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी मोहम्मद राफे निवासी बैरीडीह थाना देवगांव के पिता सोहराब मुकदमे की पैरवी के सिलसिले में अक्सर कलेक्ट्रेट कचहरी के पास स्थित एक होटल में ठहरते थे। 19 नवंबर 2002 को उन्हें मुकदमे की पैरवी के लिए इलाहाबाद जाना था। इस दौरान वादी राफे, उसके चाचा एजाज अहमद और इश्तियाक तड़के ही होटल पहुंच गए। बताया गया कि सुबह करीब साढ़े छह बजे जैसे ही सभी लोग होटल से निकले, तभी गांव के ही इम्तियाज, अलीशेर और नदीम वहां पहुंच गए। आरोप है कि इम्तियाज के उकसाने पर अलीशेर और नदीम ने सोहराब पर गोली चला दी। गंभीर रूप से घायल सोहराब को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता प्रियदर्शी पियूष त्रिपाठी और एडीजीसी दीपक कुमार मिश्रा ने नौ गवाहों को पेश कर मामले को सिद्ध किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी इम्तियाज, अलीशेर और नदीम को दोषी ठहराते हुए सश्रम आजीवन कारावास तथा प्रत्येक पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने की 70 प्रतिशत राशि मृतक के पुत्र एवं वादी मोहम्मद राफे को प्रदान की जाए।
