आजमगढ़: 37 साल पुराने मारपीट के मामले में 4 दोषी, कोर्ट ने सुनाई 2-2 साल की सजा
1 min readआजमगढ़। जनपद में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत पुलिस की प्रभावी विवेचना, मॉनिटरिंग सेल की सतर्कता और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के चलते 37 साल पुराने मामले में चार आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। मा0 न्यायालय एसीजेएम-11 कोर्ट, आजमगढ़ ने सभी दोषियों को 2-2 वर्ष के साधारण कारावास तथा 3-3 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह मामला थाना फूलपुर क्षेत्र का है, जहां 12 अगस्त 1989 को वादी अमुज यादव निवासी टिकरिया महुखा ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि गांव के ही चार लोगों—त्रिलोकी, सरोज, छक्की और अदालती—ने उन्हें गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।इस घटना के संबंध में थाना फूलपुर पर मुकदमा अपराध संख्या 212/1989 धारा 323, 324, 325 व 504 आईपीसी के तहत पंजीकृत किया गया था। विवेचना के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया, जहां सुनवाई के दौरान पांच गवाहों के बयान दर्ज किए गए। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद 16 अप्रैल 2026 को न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषसिद्ध पाते हुए प्रत्येक को 2-2 साल की सजा और जुर्माने से दंडित किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, “ऑपरेशन कनविक्शन” के तहत पुराने मामलों में तेजी से न्याय दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे अपराधियों को सजा और पीड़ितों को न्याय मिल सके।
