खुद को मृत दिखाने की साजिश में भिखारी को जिंदा जलाया, पूर्व सिपाही गिरफ्तार
1 min read
पहचान छुपाने के लिए शव के पास रखा अपना सामान, एक महीने बाद खुला सनसनीखेज हत्याकांड
हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक बेहद सनसनीखेज और खौफनाक हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। खुद को मृत घोषित कर कानून से बचने की साजिश में एक पूर्व सिपाही ने एक अज्ञात भिखारी को जिंदा जलाकर हत्या कर दी। घटना के लगभग एक महीने बाद जीआरपी ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे मामले का पर्दाफाश किया। जानकारी के अनुसार, बीते 12 मार्च को पूर्वोत्तर रेलवे के हाथरस रोड हॉल्ट स्थित टिनशेड में एक अज्ञात बुजुर्ग का जला हुआ शव मिला था। मामले की जांच में जुटी जीआरपी को शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो सकी, लेकिन घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। जांच के दौरान सामने आया कि इस जघन्य वारदात को रामवीर सिंह ने अंजाम दिया, जो मैनपुरी जिले के बधौनी गांव का निवासी है और पूर्व में यूपी पुलिस में आरक्षी रह चुका है। आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता के चलते उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। आरोपी के खिलाफ प्रदेश के कई जिलों—फिरोजाबाद, अलीगढ़, मुरादाबाद, हरदोई, मैनपुरी और बदायूं—में हत्या, लूट, अपहरण और धोखाधड़ी सहित करीब 13 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एक सोची-समझी साजिश के तहत ऐसे व्यक्ति को निशाना बनाया जिसकी पहचान करना मुश्किल हो और जिसका कोई दावा करने वाला न हो। इसी योजना के तहत उसने एक भिखारी को अपना शिकार बनाया और उसे जिंदा जलाकर मार डाला। वारदात के बाद उसने अपने पहचान पत्र और अन्य सामान शव के पास रख दिए, ताकि पुलिस उसे मृत मान ले और वह कानून की गिरफ्त से बच सके। हालांकि, जांच के दौरान कई सुराग सामने आए, जिससे पुलिस को शक हुआ और अंततः आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली। जीआरपी प्रभारी सुयश कुमार के मुताबिक, घटना के दौरान आरोपी खुद भी झुलस गया था और उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचा था। प्राथमिक इलाज के बाद वह वहां से फरार हो गया था, जो पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण सुराग साबित हुआ। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। वहीं, इस मामले में सबसे बड़ी चुनौती अभी भी मृत भिखारी की पहचान करना बनी हुई है। पुलिस उसकी शिनाख्त के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
