120 करोड़ का घोटाला…, एक और आरोपी गिरफ्तार; मैनेजर समेत तीन पहले ही हो चुके हैं अरेस्ट
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मिर्जापुर। सॉफ्टवेयर से वसूली को कम दिखाकर देश भर के 42 टोल प्लाजा से 120 करोड़ रुपये के घोटाला के मामले में एसटीएफ ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी ने ही लालगंज के अतरैला शिवगुलाम टोल प्लाजा पर सॉफ्टवेयर इंस्टाल किया था। एसटीएफ ने आरोपी को लालगंज पुलिस के हवाले कर दिया।
टोल पर होने वाली वसूली में अनियमितता की शिकायत पर एसटीएफ लखनऊ के निरीक्षक दीपक सिंह के नेतृत्व में 21 जनवरी की देर रात अतरैला शिवगुलाम टोल प्लाजा पर छापेमारी की।
वहां से पुलिस ने मैनेजर राजीव कुमार मिश्रा निवासी रानीपुर मेजा प्रयागराज, मनीष मिश्रा निवासी हरदिहा लालगंज को गिरफ्तार किया था। पंकज शुक्ला निवासी लालानगर ज्ञानपुर भदोही मौके से भाग गया।
छापेमारी से पहले एसटीएफ के निरीक्षक दीपक सिंह ने मुखबिर की सूचना पर बाबतपुर एयरपोर्ट के पास से सॉफ्टवेयर तैयार करने वाले आलोक सिंह को पकड़ा था। उससे पूछताछ के बाद शिवगुलाम टोल प्लाजा पर छापेमारी कर अन्य लोगों को पकड़ा गया।
मामले में चार लोगों पर मुकदमा दर्ज कर एसटीएफ अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी थी। शुक्रवार को एसटीएफ ने कंपनी के आईटी इंजीनियर सावन लाल कुम्हावत को गिरफ्तार कर लिया। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ निवासी सावन लाल पर फास्ट टैग प्रणाली के जरिए सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाने का आरोप है।
एसटीएफ और पुलिस को संयुक्त जांच टीम ने तकनीकी दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड खंगालने के बाद उसकी भूमिका का पता चला। पूछताछ के बाद उसे लालगंज पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने चालान कर जेल भेज दिया। थानाध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि सावन लाल से पूछताछ के बाद कई अहम जानकारियां मिली हैं। एसटीएफ और पुलिस की टीमें जांच में जुटी हैं।
