आज़मगढ़ : लोकसभा में धर्मेंद्र यादव ने उठाया जातीय जनगणना का मुद्दा, OBC का स्पष्ट उल्लेख न होने पर जताई आपत्ति
1 min read

गजट संशोधन की मांग, कहा—पिछड़े वर्ग के साथ न हो अन्याय
आजमगढ़। समाजवादी पार्टी के मुख्य सचेतक एवं आजमगढ़ से सांसद धर्मेंद्र यादव ने सोमवार को लोकसभा में जातीय जनगणना से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा जारी गजट नोटिफिकेशन में पिछड़े वर्ग (OBC) का स्पष्ट उल्लेख न होने पर गंभीर आपत्ति जताई। अपने वक्तव्य की शुरुआत करते हुए सांसद ने महान समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया, अमर शहीद भगत सिंह और राजगुरु को नमन किया। धर्मेंद्र यादव ने डॉ. लोहिया के प्रसिद्ध नारे “संसोपा ने बांधी गांठ—पिछड़े पावें सौ में साठ” को दोहराते हुए कहा कि समाजवादी विचारधारा के तहत लंबे समय से जातीय जनगणना की मांग उठती रही है। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय नेता जी मुलायम सिंह यादव सहित सभी समाजवादी नेताओं ने इस मुद्दे को निरंतर उठाया है। उन्होंने बताया कि 30 अप्रैल 2025 को केंद्र सरकार द्वारा जातीय जनगणना कराने के निर्णय का देशभर में स्वागत हुआ था और इससे पिछड़े वर्ग को न्याय मिलने की उम्मीद जगी थी। लेकिन जनवरी 2026 में जारी गजट नोटिफिकेशन का अध्ययन करने पर यह सामने आया कि उसमें OBC का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सांसद ने कहा कि सरकार के बयानों और आधिकारिक दस्तावेजों में विरोधाभास नजर आ रहा है। उन्होंने वर्ष 2011 की जातीय जनगणना का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भी पिछड़े वर्ग के साथ अन्याय हुआ था, जिससे आज भी समाज में आशंका बनी हुई है। धर्मेंद्र यादव ने सरकार से मांग की कि यदि उसकी मंशा स्पष्ट और सकारात्मक है, तो गजट में तत्काल संशोधन कर पिछड़े वर्ग को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए। साथ ही नया संशोधित नोटिफिकेशन जारी कर इस विषय में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो।
